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हिमाचल में फिर भारी बारिश का अलर्ट, 11 जुलाई तक बिगड़े रहेंगे मौसम के तेवर; 15,500 कर्मी किए तैनात

हमीरपुर, कांगड़ा, मंडी, शिमला और सिरमौर में भारी बारिश का येलो अलर्ट जारी

11 जुलाई तक बारिश का दौर जारी रहने के आसार, भूस्खलन और जलभराव की चेतावनी

मानसून से निपटने के लिए PWD ने 15,500 कर्मी और 1,156 मशीनें कीं तैनात


हिमाचल प्रदेश में दक्षिण-पश्चिम मानसून एक बार फिर सक्रिय हो गया है। मौसम विज्ञान केंद्र शिमला ने बुधवार को हमीरपुर, कांगड़ा, मंडी, शिमला और सिरमौर जिलों के लिए भारी बारिश का येलो अलर्ट जारी किया है। विभाग के अनुसार इन क्षेत्रों में तेज बारिश, गरज-चमक और बिजली गिरने की संभावना बनी हुई है। मौसम विभाग ने प्रदेश में 11 जुलाई तक मौसम खराब रहने का पूर्वानुमान जताते हुए लोगों से सतर्क रहने की अपील की है।

मौसम विभाग के अनुसार बुधवार को प्रदेश के अधिकांश हिस्सों में हल्की से मध्यम बारिश होगी, जबकि मंडी और शिमला के कुछ इलाकों में भारी वर्षा दर्ज हो सकती है। इसके अलावा कांगड़ा, कुल्लू, मंडी, शिमला और सिरमौर सहित कई जिलों में अगले कुछ दिनों तक रुक-रुक कर बारिश जारी रहने की संभावना है। ऊंचाई वाले क्षेत्रों में भी हल्की से मध्यम बारिश होने का अनुमान है।

पिछले 24 घंटों के दौरान प्रदेश के कई हिस्सों में अच्छी बारिश दर्ज की गई। कांगड़ा जिले के गुलेर में सर्वाधिक 50 मिलीमीटर वर्षा रिकॉर्ड हुई। इसके अलावा सराहन (शिमला) और सुंदरनगर (मंडी) में 30-30 मिलीमीटर, जबकि नादौन और सुजानपुर टीहरा में 20-20 मिलीमीटर बारिश दर्ज की गई। राजधानी शिमला, नाहन, जोगिंद्रनगर और अन्य कई क्षेत्रों में भी वर्षा हुई।

मौसम विभाग ने चेतावनी दी है कि लगातार बारिश के कारण भूस्खलन, कच्ची ढलानों के धंसने, निचले इलाकों में जलभराव और यातायात प्रभावित होने की आशंका है। फिसलन भरी सड़कों और कम दृश्यता के कारण वाहन चालकों को विशेष सावधानी बरतने की सलाह दी गई है। लोगों से नदी-नालों के किनारे नहीं जाने, अनावश्यक यात्रा से बचने और जिला प्रशासन द्वारा जारी दिशा-निर्देशों का पालन करने की अपील की गई है।

मौसम वैज्ञानिकों के अनुसार अगले तीन से चार दिनों तक न्यूनतम तापमान में अधिक बदलाव की संभावना नहीं है। हालांकि अधिकतम तापमान में पहले हल्की बढ़ोतरी और उसके बाद 2 से 4 डिग्री सेल्सियस तक गिरावट आ सकती है। मानसून की सक्रियता को देखते हुए आगामी दिनों में भी बारिश का सिलसिला जारी रहने की संभावना है।

मानसून से निपटने के लिए PWD पूरी तरह तैयार

संभावित प्राकृतिक आपदाओं से निपटने के लिए लोक निर्माण विभाग (PWD) ने व्यापक तैयारियां पूरी कर ली हैं। लोक निर्माण मंत्री विक्रमादित्य सिंह ने विभागीय अधिकारियों के साथ समीक्षा बैठक कर निर्देश दिए कि किसी भी आपात स्थिति में सड़क संपर्क जल्द बहाल किया जाए।

मंत्री ने बताया कि पूरे प्रदेश में 15,500 कर्मचारी तैनात किए गए हैं। इनमें 11,137 बेलदार और 4,228 मल्टी टास्क वर्कर शामिल हैं। इनके साथ 1,156 विभागीय और निजी मशीनें भी चौबीसों घंटे उपलब्ध रहेंगी, जिनमें जेसीबी, डोजर, रोबोट और टिप्पर शामिल हैं। इसके अलावा आपातकालीन परिस्थितियों में सड़क संपर्क बहाल करने के लिए छह बेली ब्रिज भी तैयार रखे गए हैं।

बरसात से पहले विभाग ने 155.95 किलोमीटर सड़कों की रीसर्फेसिंग, 924.94 किलोमीटर सड़कों पर पैचवर्क, 8,893.58 किलोमीटर ड्रेनेज चैनलों और 9,414 किलोमीटर लंबाई के कलवर्टों की सफाई का कार्य भी पूरा कर लिया है। मंत्री ने अस्पतालों, पुलिस स्टेशनों, शिक्षण संस्थानों, अग्निशमन केंद्रों, पंपिंग स्टेशनों और विद्युत केंद्रों तक निर्बाध सड़क संपर्क बनाए रखने के निर्देश दिए हैं।

कुल्लू में सुबह से झमाझम बारिश, जनजीवन प्रभावित

कुल्लू में बुधवार सुबह से लगातार हो रही बारिश के कारण जनजीवन प्रभावित रहा। सुबह करीब सात बजे शुरू हुई वर्षा के चलते लोगों को रोजमर्रा के कार्यों के लिए घरों से निकलने में परेशानी हुई। स्कूल-कॉलेज जाने वाले विद्यार्थियों और कार्यालय जाने वाले कर्मचारियों को बारिश के बीच सफर करना पड़ा।

बारिश के कारण सड़कों पर फिसलन बढ़ गई, जिससे वाहन चालकों और पैदल चलने वालों को अतिरिक्त सावधानी बरतनी पड़ी। कई स्थानों पर लोग दुकानों और शेड के नीचे बारिश थमने का इंतजार करते नजर आए। लगातार वर्षा से तापमान में गिरावट आई और मौसम सुहावना हो गया, हालांकि बाजारों में सामान्य दिनों की तुलना में चहल-पहल कम रही।